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राजपूत के घर जन्म क्यों मिला ?


जय माताजी की ,
                          इन प्रश्नों को पढ़ो और अपने अंदर एक राजपूत ढूंढो
 कभी आपने सोचा है की आप को राजपूत के घर जन्म क्यों  मिला ?
 कभी आपने सोचा हैं की राजपूत का जन्म मिला हैं तो मेरा क्या उत्तरदाईत्व हैं?
कभी आपने सोचा हैं की वास्तव में राजपूत क्या हैं ?
कभी आपने सोचा की राजपूत की मर्यादाएं क्या हैं ?
कभी आपने सोचा राजपूत शब्द की परिभाषा क्या हैं ?
कभी आपने सोचा की राजपूत के घरजन्म लेना  देवता क्यों पसंद करते हैं?
कभी आपने सोचा की छत्तीस जाति की ढाल कैसे हैं राजपूत ?
कभी आपने सोचा की क्यों क्यों राजपूत आज बेइज्जत हैं ?
कभी आपने सोचा की राजपूत का खान पान क्या हैं ?
कभी आपने सोचा की राजपूत मांस क्यों नहीं खाता ?
कभी आप नै सोचा हैं की राजपूत शराब क्यों नहीं पीता ?
कभी आपने सोचा की राजपूत को लोग क्या मानते हैं ?
     ऐसे कई प्रशनो के उत्तर हमें देने हैं क्यों की हम राजपूत हैं। लोग आज भी जवाब उससे मांगते हैं जो सबसे बड़ा या जिम्मेवार हैं। अगर हमें कोई राजपूत कहे तो हमें राजपूत शब्द की परिभाषा देनी होगी।
          क्यों की राजपूत जो बने वो जंगलों में घूमे लेकिन नाम आज भी अमर हैं। जहां आज हम बसों और करो से जा कर थक जाते हैं वहां घोड़ो की टापों की गूंज हैं और महीनो चलने के बाद भी मजाल हैं की थोड़ी भी थकान आजए।

                        राजपूत की सभी धर्मो में एक ही छवि हैं और वो हैं रक्षक अर्थात सर कट जाएगा लेकिन जब तक हम जिन्दा नारी ,अबला ,गौ गरीब पर आंच नहीं आएगी। मेरा मानना हैं की अगर ऐसा राजपूत हैं तो छत्तीस कौम आज भी उसकी इज्जत करती हैं

जो जीभ के शौकीन हैं अर्थात खाने और पीने के शौकीन  उनको कभी भी गुलाम बनाया जा सकता हैं जैसे पशु क्यों की वो खाने अर्थात सिर्फ चारे का शौकीन हैं। जो आचरण पर चले वो अमर होगये, जो चले रक्षक बनकर दुनिया में महसूर होगये। जीना तो पशु का भी हैं लेकिन राणा प्रताप बनकर जीना भी अपने आप में एक जलजला हैं।
अगर डाल दी शराब अपने शरीर में फिर क्या रक्षक बनोगे,कदम खुद के ठिकाने नहीं,किसी की क्या रक्षा करोगे। अगर बनकर राजपूत इज्जत कामना हैं शौक आपका तो बन जाओ किसी मजबूर का कन्धा।देखना तेरी तस्वीर उसके दिल और घर की दीवार पर होगी। बन राणा प्रताप,राणा सांगा ,वीर दुर्गा दास,शिवाजी तेरी तस्वीर हर चौराहे पर होगी।

                                            DEFINITION OF RAJPUT WORD
                                 
R                 -                                        RESPONSIBLE     (जिम्मेवार )

A                 -                                        ALL                                 (सभी )

J                   -                                       JUSTICE                        (न्याय )

P                   -                                        PROTECTION            (सुरक्षा )

U                   -                                       UNDERSTAND            (समझ )

T                   -                                         TRUTH                         (सत्य )



                                          जय राजपुताना ,जय हिन्द ,जय भारत
                                                                                                       मोती सिंह राठौड़ (जोइंनतरा )
                                                                                                                   लेखक
                             
                                     

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