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About Us

 आपका सभी का राजपूत आजतक ऑनलाइन न्यूज़ ब्लॉग वेबसाइट पर हार्दिक स्वागत हैं। राजपूत आजतक की इस वेबसाइट पर राजपूत समाज से जुड़े लेख,खबरे,जानकारियां और अन्य सभी प्रकार की विशेष कार्य की समय समय पर अपडेट दिया जाएगा।

राजपूत आज तक जोकि आज की 21 सदी में जिस प्रकार देश और दुनिया के साथ बाकी अन्य समाज और धर्म अपने अपने समाज और धर्म के विकास को ऑनलाइन माध्यम पर लाकर सम्पूर्ण समाज की विशेष कार्य प्रणाली व जीवन शैली के साथ दुनिया की वो कौम जो सदा दुसरो की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने से कभी हिचके नही। 

न सर देने से हिचके न सर काटने से हिचके। सदा आन बान और मान और सन्मान के लिए घोड़ो की पीठ पर जो बैठ रोटी भाले की नोक पर सेंकते थे। मैं भी उसी समाज का एक छोटा सा कण हूँ।

मैं सदा तलवार के साथ शिक्षा को भी मुख्य मानता हूँ। मैं लेखन के साथ साथ समाज सेवक और व्यापार से भी जुड़ा हुआ हूँ। मैं समय समय पर राजपूत समाज के लेख और अन्य मीटिंग और विशेष कार्यो के बारे में लिखता रहता हूँ। 

मैं सदा माँ भवानी से प्राथना करता हूँ कि पुरखो की लाज और गरिमा और तेज व शौर्य गाथा  की चमक कभी फीकी न पड़े। आने वाली पीढ़ियों को सदा इतिहास में जी चुके अपने पुरखो की आन बान और शान को पढ़ और रावो और भाटो और कवियों से हुंकार के शब्द सुनकर जमा हुआ खून भी खोल जाए। 

राजपूत की एक शपथ हैं कि राष्ट्र धरा,जन्म जननी नारी अबला और शरणार्थी व गऊ के लिए सदा यदि मौत को भी गले लगना पड़े या आये घर मे गरीबी कण कण का मोहताज हो जाए पण न लाजे कुल री आण और चाहे चले जाएं प्राण।

छात्र धर्म की जय हिंद की जय तिरंगे की जय सर्व धर्म और जातियों की जय।

मेरा परिचय



मैं मोती सिंह राठौड़ ग्राम जोइन्तरा चीफ एडिटर हूँ। मैं आपका राजपूत आजतक  वेबसाइट पर स्वागत करता हूँ 

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जय माता जी की,                कहते हैं की किसी नै इज्जत कमाई इस लिय हम गर्व से कहते हैं की मैं तो हराजपूत हूँ। हमने ऐसा कोई काम ही नहीं किया जिस से लोग हमारी इज्जत करे। पहले के राजपूतो की छवि से हमारा जीवन चल रहा हैं बरसात की एक रात का वो वाकया मुझे आज भी याद हैं।              मैं मेरे रिस्तेदार के गांव जा रहा था। लेकिन संयोग ऐसा हुआ की। मैं जिस बस में बैठा वो बस घूमते घूमते रात के ११ बजे गॉव पहुंची। रात अँधेरी थी। मैं अंजान था मुझे अभी लगभग तीन चार किलोमीटर और चलना था। तभी मेरे ठीक पीछे एक परिवार जो की पति पत्नी और एक छोटा बच्चा।किसी नै आकर पूछा कहाँ जाओगे। चलो हम छोड़ देंगे। हम भी उसी रस्ते जा रहे हैं। लेकिन उन्होंने मना कर दिया।तभी मेरे कानो में एक शब्द सुनाई दिया। उनको पूछो शायद राजपूत हैं।                                    पति ने मुझे पूछा आप राजपूत हो। मैंने कहा हा.क्या हुआ। पति बोल कुछ नहीं हमें भी गॉव जाना ...

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